छठ पूजा क्यों मनाया जाता है? छठ पूजा भारत का एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र त्योहार है। यह मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया (ऊषा/प्रातःकालीन सूर्य की शक्ति) की उपासना के रूप में मनाया जाता है। आइए सरल भाषा में समझते हैं कि छठ पूजा क्यों मनाई जाती है — 1. सूर्य देव के आशीर्वाद के लिए सूर्य देव को ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन का स्रोत माना गया है। क्योंकि सूर्य के बिना जीवन संभव नहीं है, इसलिए छठ में सूर्य को धन्यवाद दिया जाता है कि उन्होंने हमें प्रकाश, भोजन और जीवन दिया। 2. छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना छठी मैया, जिन्हें माता प्रकृति और संतान के स्वास्थ्य की देवी माना जाता है, उनसे संतान की सुरक्षा घर में सुख-शांति और परिवार की उन्नति की प्रार्थना की जाती है। 3. पति और परिवार की लंबी आयु के लिए इस व्रत को विशेष रूप से महिलाएँ करती हैं। वे पति की लंबी आयु, परिवार के स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए यह कठिन व्रत रखती हैं। 4. पवित्रता, संयम और आत्म-नियंत्रण का पर्व छठ पूजा में बिना नमक का भोजन (कढ़ी प्रसाद) बिना प्याज-लहसुन का भोजन शुद्धता और सफ़...
भारत में साँपों की बहुत सी प्रजातियाँ पाई जाती हैं, लेकिन उनमें से केवल कुछ ही विषैले (Poisonous) होते हैं। नीचे मुख्यतः पाए जाने वाले साँपों के प्रकार, उनकी पहचान और ज़हर की जानकारी दी गई है ताकि आप विषैले और गैर-विषैले साँपों में फर्क कर सकें। 🐍 साँपों के मुख्य प्रकार (भारत में) 1. कोबरा (Cobra) – विषैला पहचान: गर्दन पर फन फैलाता है। फन के पीछे "ग्लास के आकार" का चिह्न होता है (❖ या ⚫ के जैसा)। आँखें बड़ी और गोल। ज़हर: न्यूरोटॉक्सिक (मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पर असर डालता है) लक्षण: साँस लेने में कठिनाई, धुंधला दिखना, पलकें झपकाना बंद होना। 2. क्रेट (Common Krait) – अत्यंत विषैला पहचान: चमकदार काला शरीर, पतला और लंबा। सफेद पतली धारियाँ होती हैं। रात में ज्यादा सक्रिय होता है। ज़हर: न्यूरोटॉक्सिक लक्षण: नींद जैसा एहसास, शरीर सुन्न होना, बोलने में कठिनाई। 3. रसेल वाइपर (Russell’s Viper) – अत्यंत विषैला पहचान: शरीर मोटा और भारी। पूरी पीठ पर “O” जैसे गोल चिह्न। फुफकारने की तेज़ आवाज करता है। ज़हर: हेमोटॉक्सिक (खून पर असर डालता है) लक्षण: खून बहना बंद नहीं होता, शरीर में सूज...