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कोविड-19 टेस्ट के तरीके

 135 करोड़ आबादी वाला भारत जहां कोरोना के मामले लगातार देखने को मिल रहे हैं। 

लोगों की जांच के लिए कोविड-19 टेस्ट करने के निम्न तरीके अपनाए जा रहे हैं जिनमें मुख्यतः तीन प्रकार के टेस्ट प्रचलित है-

1.आरटी पीसीआर टेस्ट

2.रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट

3. रैपिड एंटीजन टेस्ट

RT-PCR Test (Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction Test)

आरटी पीसीआर लैब में होने वाली है एक जटिल प्रक्रिया है जिसके परिणाम आने में 2 से 3 दिन लग जाते है।


रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट और  रैपिड एंटीजन टेस्ट

Rapid antibody test

यह दोनों टेस्ट प्रक्रिया लगभग समान होती हैं इन दोनो का परिणाम कुछ ही मिनट में आ जाता है बस फर्क इतना होता है कि रैपिड एंटीबॉडी में ब्लड सैंपल लिया जाता है


जबकि रैपिड एंटीजन में  बलगम(Nasopharynx) लिया जाता है। कम समय में अधिक लोगों का टेस्ट करने के लिए रैपिड एंटीजन सबसे आसान टेस्ट है, परंतु यह जरूरी नहीं होता है कि रैपिड एन्टीजन टेस्ट नेगेटिव है तो व्यक्ति कोरोना से पीड़ित नहीं होगा।
ऐसा भी हो सकता है कि व्यक्ति कोरोना वायरस से काफी समय पहले से पीड़ित रहा हो परंतु शरीर वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बना लिया हो इसलिए रिजल्ट नेगेटिव आ रहा हो। इसी जाँच की पुष्टि के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट किया जाता है जो रैपिड टेस्ट  की तुलना में सटीक जानकारी देता है।

अतः इससे निष्कर्ष यह निकलता है कि तुरंत रिजल्ट प्राप्त करने के लिए रैपिड एन्टीजन टेस्ट किया जाता है जबकि आरटी पीसीआर तरीके से सटीक जानकारी प्राप्त की जाती है कि वास्तविक रूप से कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव या नेगेटिव। इसलिए यह कहा जा सकता है कि रैपिड की तुलना में आरटी पीसीआर अत्यधिक भरोसेमंद है।

तब तक रेपिड एंटीजन टेस्ट पर भरोसा ना करें। आरटी पीसीआर रिजल्ट के आने तक का इंतजार करें और सावधानी बरतें। आपस में दूरी बनाकर रखें क्योंकि 2 गज दूरी मास्क है जरूरी।

टिप्पणियाँ

Avinash kumar ने कहा…
Very good information thank you so much

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