बसंत पंचमी:सरस्वती पूजा और भौगोलिक कारण
बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है यह सरस्वती पूजा का त्योहार है या फिर भौगोलिक कारण है इसके पीछे... ?तो आइए जानते हैं कि आखिर इस दिन सरस्वती पूजा क्यो मनाई जाती है?
फरवरी माह में 12 डिग्री दक्षिणी अक्षांश रेखा पर सूरज की किरणें सीधी पड़ती है इसलिए यूरोप तथा एशिया महाद्वीप में सूरज की किरणें तिरछी पड़ती है जिस कारण यहां की प्रकृति का संतुलत बन जाता है जिससे की सूर्य की किरणें, तापमान और हवा यह सब कुछ संतुलित हो जाता है। फरवरी से मार्च तक का वातावरण का तापमान सुखद रहता है ।
बसंत से आशय होता है "प्रकृति का संतुलन" जब प्रकृति में संतुलन होता है, तो सभी जीव-धारियों के लिए वातावरण अनुकूल होता है।
पेड़ों से नई पत्तियां निकलने लगती है। बील में रहने वाले जीव जंतु बाहर आने लगते हैं, वो संसार को देखते हैं, संसार की वास्तविकता से परिचित होते है ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार हम शिक्षा को ग्रहण करके संसार की वास्तविकताओं को जानते है।
इस माह मे पर्यावरण अध्ययन के लिए अनुकूल होता है इसीलिए तो बसंत पंचमी यानि शुक्ल पक्ष के पांचवे दिन सरस्वती पूजा का त्यौहार मनाया जाता है।




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