सहजन(Drumsticks)
वानस्पतिक नाम : "मोरिंगा ओलिफेरा" एक बहु उपयोगी पेड़ है। इसे हिन्दी में सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा आदि नामों से भी जाना जाता है। इस पेड़ के विभिन्न भाग अनेकानेक पोषक तत्वों से भरपूर पाये गये हैं इसलिये इसके विभिन्न भागों का विविध प्रकार से उपयोग किया जाता है। इसे पानी की कमी होने की स्थिति में भी उगाया जा सकता है। ये कई तरह के जरूरी पोषक तत्वों, खनिज पदार्थों और विटामिंस का बेहतरीन स्रोत है। यहां तक कि दुनियाभर में इसे सुपरफूड कहा जाता है।
इसके फूलों को पकाकर खाया जाता है और इनका स्वाद खुम्भी (मशरूम) जैसा बताया जाता है। अनेक देशों में इसकी छाल, रस, पत्तियों, बीजों, तेल, और फूलों से पारम्परिक दवाएँ बनायी जाती है। जमैका में इसके रस से नीली डाई (रंजक) के रूप में उपयोग किया जाता है।
इसकी पत्तियों और फली की सब्जी बनती है। इसका उपयोग जल को स्वच्छ करने के लिये तथा हाथ की सफाई के लिये भी उपयोग किया जा सकता है। इसका कभी-कभी जड़ी-बूटियों में भी उपयोग होता है। बिहार झारखंड में इसे सोजाना नाम से जाना जाता है।
इसमें 300 से अधिक रोगों के रोकथाम के गुण हैं। इसमें 90 तरह के मल्टीविटामिन्स, 45 तरह के एंटी आक्सीडेंट गुण, 35 तरह के दर्द निवारक गुण और 17 तरह के एमिनो एसिड मिलते हैं।
फायदे-
1.हाइ बीपी के मरीज़ो को इसकी पत्तियों का रस निकालकर काढ़ा बनाकर देने से लाभ मिलता है। साथ ही इसका काढ़ा पीने से घबराहट, चक्कर आना, उल्टी में भी राहत मिलती है।
2.इसमें फास्फोरस की मात्रा पाई जाती है जो कि शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को कम करती है और साथ ही वसा को कम कर मोटापा कम करने में सहायक होती है।
3.विटामिनA भरपूर मात्रा में पाया जाता है। चूँकि विटामिन A त्वचा की सुंदरता को बनाएं रखता है। इसलिए सहजन के तेल का प्रयोग सौंदर्य प्रणाली के लिए भी किया जाता है।
इसकी फली की सब्जियां खाने से या फिर मोरिंगा सीड्स का तेल लगाने से त्वचा में हमेशा चमक बनी रहती है। जिससे त्वचा शुष्क और मुरझाई हुई नहीं दिखती है। ड्रमस्टिक में आयरन पाया जाता है जो खून को साफ रखता है। जिससे यह चेहरे पर होने वाले पिम्पल को ख़त्म करता है।
इसकी फली की सब्जियां खाने से या फिर मोरिंगा सीड्स का तेल लगाने से त्वचा में हमेशा चमक बनी रहती है। जिससे त्वचा शुष्क और मुरझाई हुई नहीं दिखती है। ड्रमस्टिक में आयरन पाया जाता है जो खून को साफ रखता है। जिससे यह चेहरे पर होने वाले पिम्पल को ख़त्म करता है।
4. सहजन में कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम, तांबा और मैंगनीज जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में होते हैं जो स्वस्थ बालों के लिए लाभकारी है।
सजहन में मौजूद विटामिन ए और विटामिन E की मौजूदगी इसे बालों के लिए फायदेमंद बनाती है क्योकि इसमे विटामिनE एक एन्टीआक्सीडेेंट है और यह रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर सिर की त्वचा को स्वस्थ बनाये रखता है जो बालों के स्वस्थ विकास के लिए लाभकारी है।
सजहन में मौजूद विटामिन ए और विटामिन E की मौजूदगी इसे बालों के लिए फायदेमंद बनाती है क्योकि इसमे विटामिनE एक एन्टीआक्सीडेेंट है और यह रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर सिर की त्वचा को स्वस्थ बनाये रखता है जो बालों के स्वस्थ विकास के लिए लाभकारी है।
5.सहजन में सूजन और दर्द को कम करने वाले गुण होते हैं जिनकी की वजह से यह शरीर में विभिन्न प्रकार के दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।
यह गठिया, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन और सिरदर्द जैसे अन्य समंस्याओं के इलाज के लिए में लाभकारी होता है।
यह गठिया, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन और सिरदर्द जैसे अन्य समंस्याओं के इलाज के लिए में लाभकारी होता है।
6.सहजन का फल शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में सुधार करने के लिए जाना जाता है।
पुरुषों में यह शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने और वीर्य को गाढ़ा करने में मदद करता है। महिलाओं के लिए सहजन का सेवन माहवारी संबंधी परेशानियों के अलावा गर्भाशय की समस्याओं से भी बचाता है। इस मामले में यह महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए फायदेमंद हैं।
पुरुषों में यह शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने और वीर्य को गाढ़ा करने में मदद करता है। महिलाओं के लिए सहजन का सेवन माहवारी संबंधी परेशानियों के अलावा गर्भाशय की समस्याओं से भी बचाता है। इस मामले में यह महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए फायदेमंद हैं।







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